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How to Crack Any Competitive Exam in First Attempt | पहले प्रयास में किसी भी परीक्षा में सफलता कैसे प्राप्त करें KV Guruji

10 Step to Crack Any Competitive Exam in First Attempt


जय हिन्द दोस्तों www.kvguruji.in पर आपका स्वागत है | अगर आप एक छात्र हैं और भविष्य में किसी प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करना चाहते हैं या आप किसी प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहें हैं तो आज का यह लेख सिर्फ आपके लिए है | इस लेख में मै विभिन्न सफल छात्रो के अनुभव आधार पर आपको 10 ऐसे चरण बताऊंगा जिनका अनुसरण करके आप किसी भी प्रतियोगी परीक्षा के प्रथम प्रयास में सफलता प्राप्त कर सकते हैं | वर्तमान में एक प्रतियोगी परीक्षा जब लाखो की संख्या में छात्र शामिल होते हों तो परीक्षा सफलता के लिए आपकी रणनीति बहुत अधिक महत्वपूर्ण है और अगर आप सही रणनीति का चुनाव करके ईमानदारी के साथ आगे बढ़ेंगे तो निश्चित ही सफलता आपके कदमों में होगी | 



Step 1 किसी एक विशेष प्रतियोगी परीक्षा का चयन करना

हमारे देश में विभिन्न प्रकार की सरकारी सेवाओं हेतु विभिन्न परीक्षाओ का आयोजन केंद्र व राज्य सरकार द्वारा कराया जाता है और इसी कारण इन परीक्षाओ की प्रकृति में बहुत अंतर देखने को मिलता है | प्रकृति का तात्पर्य उसके सिलेबस व पूछे जाने वाले प्रश्नों के प्रकार से है | अतः तैयारी शुरू करने से पूर्व अपनी रूचि के विषय व अपनी पसंद के जॉब का चयन करना बहुत जरुरी है इसीलिए सबसे पहले आप किस प्रतियोगी परीक्षा में शामिल होना चाहते हैं, उसका चयन कर लें |यहाँ पर हम कई बार एक से अधिक परीक्षाओ के चयन की गलती कर लेते है लेकिन जब भी आप एक से अधिक परीक्षाओ की तैयारी करना चाहे तो इस बात का ध्यान रखियेगा कि उन परीक्षाओ के पाठ्यक्रम व पूछे जाने वाले प्रश्नों की प्रकृति में बहुत ज्यादा अंतर न हो |अगर परीक्षाओ का पाठ्यक्रम व परीक्षा का पैटर्न समान हो, सिर्फ और सिर्फ तभी एक से अधिक परीक्षा की तैयारी का विचार बनाये |

Step 2 पाठ्यक्रम [Syllabus] का विस्तृत अध्ययन करना

जब एक बार आप एक बार परीक्षा का चुनाव कर लिया तो दुसरे चरण में फिर आपको उस परीक्षा के लिए दिए गए अधिकारिक पाठ्यक्रम के बारे में जानना आवश्यक होता है तो इसके लिए उस प्रतियोगी परीक्षा से संबंधित अधिकारिक वेबसाइट से सिलेबस को डाउनलोड करके उसे अच्छे से समझ ले कि उस प्रतियोगी परीक्षा के पाठ्यक्रम में किन किन विषयों को शामिल किया गया है

विशेष नोट – अगर आप UPSC IAS या राज्य स्तरीय PCS या किसी ऐसे परीक्षा की तैयारी कर रहें है जिसका सिलेबस बहुत अधिक विस्तृत है तो फिर आप उस सिलेबस का प्रिंटआउट अपने पास रख लें और तैयारी के दौरान भी सिलेबस को देखते रहें, इससे आपको आईडिया रहेगा कि अभी कितना सिलेबस बाकी है या आपने अभी तक कितनी तैयारी की है


Step 3 विगत 5 वर्ष के प्रश्नपत्रों का विश्लेषण करना

जब आप भलीभांति पाठ्यक्रम से परिचित हो जाए तब आपको उस परीक्षा के विगत 5 वर्षों के प्रश्नपत्रों का विश्लेषण करना होता है, इससे आपको यह स्पष्ट हो जायेगा कि जो भी आपका पाठ्यक्रम है उससे किस प्रकार के प्रश्न पूछे जा सकते हैं और पाठ्यक्रम का कौन-सा भाग आपकी तैयारी के दृष्टिकोण से ज्यादा या कम महत्वपूर्ण है |

Step 4 अनिश्चितता की स्थिति से स्वयं को बाहर निकालना

अब जब आपने पाठ्यक्रम व विगत वर्षों के प्रश्नपत्रो का विश्लेषण कर लिया है तो अंततः आपको ये निर्णय लेना है कि क्या आपको इसी परीक्षा की तैयारी करनी है या किसी अन्य विकल्प के बारे में विचार करना है | क्यूंकि इस चरण से आगे बढ़ने के बाद आपको फिर वापस नहीं लौटना है | इसके लिए आप स्वयं को समय दे और स्वयं से ही बात करें कि आपको यहाँ पर किस प्रकार का निर्णय लेना है | एक बार और ध्यान रखे कि कभी भी किसी की नक़ल करके या फिर किसी अन्य की सलाह पर निर्णय न लें, क्यूंकि आप क्या कर सकते है या आपके लिए क्या अच्छा है इस बारे में आपसे बेहतर कोई और नहीं जानता है |
“सबकी सुने, आत्म-विश्लेषण करें और फिर निर्णय ले”   

Step 5 – Study Material Collect करना और Stick to that Material

अगले चरण में आपको अपनी परीक्षा से संबंधित जो भी स्टैण्डर्ड बुक हैं उन्हें कलेक्ट करना है और उसी के साथ आगे बढना है |इसके के लिए आप अपने सिलेबस व पुराने वर्षों में पूछे गए प्रश्नों के आधार पर आसानी से पुस्तकों का चयन कर सकते हैं | इस चरण में आपको पुस्तकों का चुनाव बहुत ही सावधानी से करना है क्यूंकि कई बार हम अपने अनुसार पुस्तकों का चयन कर लेते हैं और तैयारी के दौरान किसी अन्य की बातों के प्रभाव में आकर फिर से किसी नई पुस्तक का चयन कर लेते हैं और यह प्रक्रिया आपकी तैयारी को बहुत हद तक प्रभावित करती है |
किसी ने बहुत ही सुन्दर लाइन कही है कि -
“एक विषय पर 10 पुस्तक पढने से बेहतर है कि एक पुस्तक को 10 बार पढो”


Step 6 तैयारी को प्रारंभ करना [Start Your Prepareration]

अब अंततः आपको मंजिल को प्राप्त करने की अपनी यात्रा को प्रारंभ करना है और शुरुआत आपको उन विषयों के साथ करनी है जो आपकी रूचि के हैं और धीरे-धीरे करके पुरे आपको बिल्कुल सिलेबस के अनुसार अपनी तैयारी को शुरू करना है | पढाई के लिए एक नियत स्थान निर्धारित करें और कोशिश करें कि उसी स्थान पर बैठकर ही  रोजाना आप पढाई करें | मेरे अनुसार पढाई का कोई समय नहीं है, जब भी आपका मन करें उस समय आप पढाई कर सकते हैं परन्तु सुबह के समय आपका दिमाग ताजा, उर्जावान व शांत होता है इसीलिए इस समय का सदुपयोग आपके लिए सबसे महत्वपूर्ण है


Step 7 निरंतरता को बनाये रखना [Most Important]

उपर्युक्त बताएं गए सभी चरणों में से यह चरण सबसे महत्वपूर्व है, क्यूंकि किसी भी लक्ष्य की प्राप्ति के लिए निरंतरता बहुत ही आवश्यक है और अधिकांश लोगों के जीवन में असफलता का कारण भी निरंतरता का अभाव ही है | इसका ये बिलकुल भी मतलब नहीं आपको सफल होने के लिए बिना एक भी दिन का विश्राम किये और प्रतिदिन सिर्फ पढाई ही करनी है |निरंतरता का आशय अपने दैनिक जीवन के सभी महत्वपूर्व कार्यों को करते हुए अपनी पढाई को सुचारू रूप से से लगातार जारी रखना है |कोशिश ये कीजियेगा कि आपकी तैयारी में किसी भी परिस्थिति में बहुत अधिक दिनों का अन्तराल नहीं होना चाहिए क्यूंकि –
“जिस वक्त आप नहीं पढ़ रहे हैं, उस वक्त कोई न कोई पढ़ रहा होगा और जिस दिन आपका उससे सामना होगा वो आपसे जीत जायेगा”
  
Step 8 – Mock Test के द्वारा समय-समय पर अपनी तैयारी का आत्म-विश्लेषण करना

आपकी इस यात्रा में समय-समय पर Mock टेस्ट देना भी एक सबसे महत्वपूर्व चरणों में से एक है क्यूंकि इससे आप अपनी तैयारी का स्वयं आकलन कर सकते हैं | अब यहाँ पर एक प्रश्न ये भी आता है कि तैयारी प्रारंभ करने के कितने समय बाद हम Mock Test देना प्रारंभ कर सकते है तो इसका कोई एक निश्चित उत्तर नहीं है | अपनी तैयारी के दौरान आप कभी भी mock test देना शुरू कर सकते हैं पर मेरा सुझाव यही है कि 50% से ज्यादा सिलेबस कवर करने के बाद ही आप Mock Test देना शुरू करें | जब आप Mock Test देना प्रारंभ करेंगे तो ऐसा संभव है कि आपका स्कोर आपकी आकांक्षा के अनुरूप न हो अतः आपको इससे भयभीत न होकर लगातार Mock Test देते रहना है |
अब आइये समझते हैं कि Mock Test से आप स्वयं में एक बड़े स्तर पर सुधार कैसे कर सकते है |मान लीजिये आपने कोई Mock test दिया जोकि 2 घंटे है तो अधिकांश लोग Mock देने के बाद अपना स्कोर देख कर आगे बढ़ जाते है परन्तु यहाँ पर अगर आपने 2 घंटे का टेस्ट दिया है तो कम से कम 2 घंटे तक उस टेस्ट पेपर का विश्लेषण करना है कि आपने जो प्रश्न सही किये है क्या वे आपको वास्तव में आपको आते थे और इसके साथ यह भी समझना है कि जिन प्रश्नों को आपने Attempt किया और उसमे गलती हुई उसके पीछे क्या कारण है तथा किस कारण से आपने कुछ प्रश्नों को छोड़ दिया और अगला टेस्ट देने से पहले आपको इन गलतियों को सुधारना है | जब आप इस तरह से आगे बढ़ेंगे तो आप पायेंगे कि न केवल आगे के टेस्ट में आपके नंबर में सुधार होगा बल्कि आपके आत्मविश्वास में भी वृद्धि होगी |


Step 9 पिछले 5 वर्षों के कट-ऑफ़ का विश्लेषण करना

अगले चरण में आप जिस भी परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं उस परीक्षा के पिछले 5 वर्षों के कट-ऑफ़ मार्क कितने रहे है इस पर भी आपको ध्यान देना है और लक्ष्य ये निर्धारित करना है कि आपका स्कोर पिछले वर्षों के कट-ऑफ़ मार्क्स से कम से कम 10-15% अंक ज्यादा हो |

Step 10 आपकी मंजिल आपका इंतजार कर रही है

यदि आप उपर्युक्त सभी चरणों का पुरी ईमानदारी के साथ अनुसरण करेंगे तो आप परीक्षा भवन में प्रवेश करते समय एक अलग आत्म-विश्वास से भरे होंगे और यही आत्म-विश्वास उस परीक्षा में प्रथम प्रयास में आपको सफल बनाने में मददगार साबित होगा
अंत में यही कहना चाहूँगा कि सफलता बलिदान माँगती है और अगर आप बलिदान देने को तैयार हैं तो निश्चित ही आप सफलता प्राप्त करेंगे |


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4 टिप्पणियाँ

  1. वाकई ...बहुत जबरदस्त तरीके बताए आपने सर ,अगर कोई भी व्यक्ति इन 10 पॉइंट को निश्चित फ़ॉलो करे तो सफलता मिलना तय हैं ।

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  2. Thanks
    Sir
    Jay hind
    🙏🙏🇮🇳🇮🇳📚📚👨‍🎓👨‍🎓🇮🇳🌹🌹

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  3. Bilkul sahi bat Sir aap to sara chij khol kar bata daya prnam guru ji

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